Saturday, December 3, 2011

कोशीश...


हमारी जरुरत नही तो कह देना
दूर होने की कोशीश तो करेंगे..
वादा करना शायद मुनासिफ ना होगा..
पर रोने से बेहतर तो हसकर मरेंगे..

किसीने कहा है.. प्यार एक ही बार होता है..
और हमने भी पहली और आखरी बार किया..
शायद आपके लिये हम दुसरे होंगे..
पर हम ने सब कुछ् आपही पे हार दिया..

काश हमारे जजबात आप सुन पाते..
तो हमे कहने की जरुरत ना होती..
शायरी लिखने का शौक तो नही है..
पर लफ्जोंकी अश्को पर हुकुमत ना होती...

हम समझते है.. आप भी समझ लेंगे,,
हमारी खुशी.. जो आप से जुडी है..
बस एक बार हमे अपना कह दो..
फिर जो चाहे करलो.. पूरी जिंदगी पडी है !!!

Monday, November 21, 2011


शुभ्र कळ्यांचा नाद खुळा..
देठ केशरी .. मूक लळा..
पराग इवले.. मध्यावरती.
पाकळीतला गोड गळा..!! :)

दर्द..


फुल खिलते हुए अच्छे लगते है.. मुरझाये तो दर्द..
सवाल सुलझे हुए अच्छे लगते है.. उलझाये तो दर्द..

कदम बढते हुए अच्छे लगते है.. रुक जाये तो दर्द..
इरादे बनते हुए अच्छे लगते है.. टूट जाये तो दर्द..

राज सहमे हुए अच्छे लगते है.. खुल जाये तो दर्द..
अल्फाज सजते हुए अच्छे लगते है.. चुभ जाये तो दर्द..

लोग मिलते हुए अच्छे लगते है.. दूर जाये तो दर्द..
साथ रहते हुए अच्छे लगते है.. बिछड जाये तो दर्द..

आप हसते हुए अच्छे लगते है.. रुठ जाये तो दर्द..
हात थामे हुए अच्छे लगते है.. छूट जाये तो दर्द..

जिंदगी जिते हुए अच्छे लगते है.. मर जाये तो दर्द..
वक्त थामे हुए अच्छे लगते है.. गुजर जाये तो दर्द..!!

शिकायत...


शिकायत आपहीसे करेंगे बेहीसाब
के वक्त के मामले में... आप बुझ्दील है..
क्या जिंदगी इतनी खफा है हमसे
के वक्त का मिलना ही मुश्कील है ... ??

आदत से मजबूर आदते
अगर सपनों को करती है निलाम..
फिर आप के होते हुए जिंदगीमें
जिंदगी को क्या हासिल है.. ??

सवाल उलझाते है अक्सर..
जवाब कही मिलता नही..
शक्स जो सबसे प्यारा है..
वही अरमानोंका कातील है ..

पुछकर भी बेमतलब..
जान कर भी अंजान..
जिंदगी का अधूरा ख्वाब..
बेखुदी में शामील है..

चुप रह कर बयान करु..
ऐसी तरकीब सिखा खुदा..
उन से शुरु.. उन्ही पे खतम..
इतनी मेरी मंजिल है !!!!

Sunday, November 6, 2011

सुगंध.. मोगर्‍याचा !!


कळी अत्तराची.. गोफ केशराचा..
देठ हिरकणीचा .. गजर्‍याचा.
मोतियाचे मणी.. माळताच वेणी..
दरवळे सुगंध.. मोगर्‍याचा.. !!!!

Thursday, October 27, 2011

जख्म ..


जख्म सुखे नही.. के नया वार किये जाते हो..
ऐसा कत्ल आप.. बार बार किये जाते हो..

मरहम की बात.. बहुत दूर रही हरदम..
घाव गहरा रहे.. बस दरार किये जाते हो..

आंसू बहते है.. सदमा सहते है..
दिल की धडकन को.. बेकरार किये जाते हो..

फिर भी जिने की उमीद रखते है..
सांसे जख्मो संग जो.. उधार दिये जाते हो !!!

Sunday, October 9, 2011

Galti...


Logonko Pehchanane Me Hoti Hai Galti..
Aur Hum Sochte Hai Ke Log Hi Galat Hai..
Hum Apni Galti Pe Gaur Nahi Karte..
Aur Fir Sochte Hai Ke Soch Hi Galat Hai..

Samzte Nahi Hai Sacchai Kabhi
Har Zuth Se Juda Sakhs Hi Galat Hai
Waqt K Aage Toh Khuda Bhi Kafallak…
Aur Hum Sochte Hai K Wakt Hi Galat Hai..

Galat.. Sahi.. Ko Samzna Hai Mushkil
Jo Muze Sahi Lage Woh Tuze Galat Hai…
Fir Bhi Har Galti Ko Karna Hai Shamil..
Hai Zindagi Adhuri Agar Sahi-Galat Hai !!!