
शिकायत आपहीसे करेंगे बेहीसाब
के वक्त के मामले में... आप बुझ्दील है..
क्या जिंदगी इतनी खफा है हमसे
के वक्त का मिलना ही मुश्कील है ... ??
आदत से मजबूर आदते
अगर सपनों को करती है निलाम..
फिर आप के होते हुए जिंदगीमें
जिंदगी को क्या हासिल है.. ??
सवाल उलझाते है अक्सर..
जवाब कही मिलता नही..
शक्स जो सबसे प्यारा है..
वही अरमानोंका कातील है ..
पुछकर भी बेमतलब..
जान कर भी अंजान..
जिंदगी का अधूरा ख्वाब..
बेखुदी में शामील है..
चुप रह कर बयान करु..
ऐसी तरकीब सिखा खुदा..
उन से शुरु.. उन्ही पे खतम..
इतनी मेरी मंजिल है !!!!
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