Tuesday, December 27, 2011

Doorii.... :(




Shayad Tum Bin Zindagi Adhoori Hai…
Yeh Ehsaas Jataati Woh Yeh Doori Hai..
Saath Rehte Tab Jaan Nahi Paate..
Toh Kya Dooriya Badhana Zaroori Hai ??!!

Monday, December 26, 2011

उल्फत....

हमेशा रुलाना
हमेशा भुलाना..
के हम है गलत और..
सही है जमाना..

लगता है डर के
छोडोगे एक दिन..
करदोगे हमको
खुद से बेगाना..

उस दिन कि उल्फत
उस दिन के आंसूसे..
बेहतर है अब का
यह आजमाना..

छोटीसी दुनिया
सप्नोंका गेहना...
तुझको नही है
कभीभी गवाना..!!

Gajhal..



Dil me dabaaye aansu ki kasam ke...
shaayari to bass ek bahaana hai ...
Jajbaat ko raah dikha nahi sakte..
to har baat ko gajhal banana hai !!!

Friday, December 9, 2011

पाऊस !!


कधी कधी पाऊस चिंब भिजूनही कोरडाच उरतो..
कित्येक पावसाळे येतात... जातात..
पण तो पाऊस..
जो भर उन्हात गारवा घेऊन येतो..
तोच आयुष्यभर पुरून उरतो...
खरंय...
कधी कधी पाऊस चिंब भिजूनही कोरडाच उरतो..!!!!

Wednesday, December 7, 2011

राग...


माझा राग माझ्यावर का..?
माझा राग तुझ्यावर.. ???
निभाव लागत नाही अशा..
अपेक्षांच्या ओझ्यावर.. ??
माझा राग माझ्यावर....!!!!

वलय ...


वगळून मला तुझ्या वलयातून..
जाणीव करून दिलीस पुन्हा जगण्याची..
मी आठवणीने वळून पाहीले मागे..
जाणीव करून दिलीस पुढे निघण्याची..!!

स्वत्वास हरवूनी तुझ्यात रुजले होते..
कधी बहर कधी शिशिरात निपजले होते..
या अस्तित्वाचा एकवटून पाचोळा..
जाणीव करुन दिलीस पुन्हा सजण्याची..!!

ही किमया कुठली जिने बदलले ऋतू..
सारेच पलटले डाव नि अवघे मी तू..
स्वप्नांची झटकून.. धूळ उघडूनी डोळे..
जाणीव करुन दिलीस पुन्हा बघण्याची.. !!

रसभंग...


सारी रैन भरे नैन..
गहजब कौनो चैन..
रसभंग किये संग..
पल पल बेचैन..
राधा शाम बिन प्यासी..
गहरी सी यह उदासी..
मोसे बिना तोले बोल
हल नाही देवदासी..
नजरोंकी हेराफेरी..
दाग जोबन पे गोरी..
सरमाये अब काहे..
पूरी जिम्मेदारी तोरी..
जाके यमुना किनारे..
संग रास रचाये..
दिये प्रीत के जले..
पर रैन ना आये..
सालोसाल चले है..
वंश रित पले है..
तन मन का मिलन..
जैसे शाम ढले है.. !!

Saturday, December 3, 2011

कोशीश...


हमारी जरुरत नही तो कह देना
दूर होने की कोशीश तो करेंगे..
वादा करना शायद मुनासिफ ना होगा..
पर रोने से बेहतर तो हसकर मरेंगे..

किसीने कहा है.. प्यार एक ही बार होता है..
और हमने भी पहली और आखरी बार किया..
शायद आपके लिये हम दुसरे होंगे..
पर हम ने सब कुछ् आपही पे हार दिया..

काश हमारे जजबात आप सुन पाते..
तो हमे कहने की जरुरत ना होती..
शायरी लिखने का शौक तो नही है..
पर लफ्जोंकी अश्को पर हुकुमत ना होती...

हम समझते है.. आप भी समझ लेंगे,,
हमारी खुशी.. जो आप से जुडी है..
बस एक बार हमे अपना कह दो..
फिर जो चाहे करलो.. पूरी जिंदगी पडी है !!!