Wednesday, July 6, 2011

काश.......


काश हमारे आसू की किमत आप जान सकते..
तो हम जिंदगी भर रोना चून लेते..
फिर दुनिया कहती हमे दुखभरी दास्ता..
हम तारीफ समझ कर सून लेते..

हमारी हसी थी नामंजूर..
तो गम का मजाक उडा दिया..?
अगर बेदखल ही करना था तो..
गैर समझ कर चून लेते..

यह मत समझना अकेले है..
तो जिने का सहारा ढूंढना है..
बस आपको अकेला छोड्ने से तो..
बेहतर ख्वाहीश बून लेते..

वह आखरी हीस्सा अरमानोका..
आंसू की बाढ में बहता गया..
अब भरी सी पलके.. उदासी झलके..
मिले तो साया बन लेते..... !!!

3 comments:

Yogi... Yo Rocks.. !! said...

bahoot khoob !! :)

Anonymous said...

अगर बेदखल ही करना था तो..
गैर समझ कर चून लेते..

I dont have words to say....

Gautam said...

Yo said it!!